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शिक्षा विभाग : राज्य में खुले तबादलों में फिर वंचित रखा तृतीय श्रेणी शिक्षकों को,

तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नहीं हो रही सुनवाई,पड़ रही 'डबल मार' ना पदोन्नति ना तबादले,


6 साल से पदोन्नति नहीं तो 2018 से तबादले का कर रहे इंतजार,


जयपुर :  राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक पद सोपान में सबसे अंतिम पायदान पर नियुक्त तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ सरकार का 'थर्ड ग्रेड टॉचर्र लगातार जारी है। राज्य सरकार की 5 जुलाई तक तबादलों से हटाई रोक को इस बार भी इन शिक्षकों पर लागू नहीं किया है। उधर,6 साल से इनकी पदोन्नति भी कानूनी पचड़े में फंसी हुई है। ऐसे में पद और स्थान दोनों परिवर्तनों का लाभ नहीं मिलने से करीब 1.22 लाख शिक्षक पदोन्नति व तबादला नीति के दो पाटों में पिसते महसूस कर रहे हैं।

    लगभग 30 हजार शिक्षकों की अटकी पदोन्नति,

तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति भी छह साल से अटकी हुई है। अतिरिक्त विषय से स्नातक डिग्री की वैधता को लेकर चल रहे न्यायिक विवाद की वजह से लगभग 30 हजार शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पा रही। शिक्षक संघ रेसटा का आरोप है कि सरकार के ढीले रवैये की वजह से ही मामला कोर्ट में ढीला चल रहा है। यदि ग्रेड थर्ड शिक्षक पदोन्नत होते तो द्वितीय थर्ड श्रेणी शिक्षक नियुक्त होने पर उन्हें तबादलों का लाभ भी मिल जाता।

राज्य के 1 लाख शिक्षकों को तबादले का इंतजार,

राज्य में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षकों के अंतिम बार तबादले 2018 में हुए थे। उसके बाद से सरकारें तबादला नीति लागू करने का हवाला देते हुए उसे लगातार टाल रही है। इससे दूरदराज के इलाके में लंबे समय से नियुक्त लगभग 1 लाख शिक्षकों का तबादलों का इंतजार खत्म नहीं हो रहा है। प्रतिबंधित 10 जिलों में तो कई शिक्षक 15-15 साल से घर वापसी का इंतजार कर रहे हैं।

3 साल में 4 बार खुले तबादले लेकिन तृतीय श्रेणी शिक्षकों को नहीं मिली राहत

2024 में 10 से 22 फरवरी तक।

2025 में 1 से 15 जनवरी तक फिर 8 मई से 30 जून तक विशेष छूट।

2026 में 19 जून को तबादलों से रोक हटाई,तृतीय श्रेणी शिक्षकों- स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले नहीं होंगे।

2018 में अंतिम बार तबादले फिर अगस्त 2021 में लिए आवेदन लेकिन तबादले नहीं हुए, 


राजस्थान सरकार ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के अंतिम बार तबादले 2018 में किए थे तब राज्य में भाजपा की सरकार थी। उसके बाद तृतीय श्रेणी शिक्षकों से

तबादलों के लिए शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। 15 अगस्त 2021 को तत्कालीन शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा की गई घोषणा के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 18 अगस्त से 25 अगस्त 2021 तक निर्धारित की गई थी।इस प्रक्रिया से जुड़े मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:आवेदन की संख्या: लगभग 85,000 शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। लेकिन 4 साल 10 माह बाद भी उस सूची का कुछ नहीं हुआ।

तबादला और नीति इसलिए नहीं...

1. ग्रेड थर्ड शिक्षकों की संख्या प्रदेश में करीब ढाई लाख है। जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने क्षेत्र में शिक्षकों को रोकने या बुलाने के दबाव से बड़े पैमाने पर असंतोष और विरोध की आशंका सरकार के सामने बड़ी बड़ी चुनौती खड़ी कर सकती है।

2. तबादलों से लोकप्रिय जिलों में शिक्षकों की अधिकता और दूरदराज व जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षकों की कमी हो सकती है। इससे भर्ती की जोनल व्यवस्था भी बेमतलब हो जाएगी।

3. स्थाई तबादला नीति लागू नहीं होने के पीछे ग्रेड थर्ड शिक्षकों के बड़े वोट बैंक को तबादलों की ताकत के बूते अपने पक्ष में करने और उन पर सियासी नियंत्रण रखने की सियासी सोच है। स्थाई नीति से सरकार से लेकर स्थानीय नेताओं तक को चल- बल खत्म होने का डर है।

तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ हो समान व्यवहार,

राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत तृतीय श्रेणी शिक्षक स्कूलों में उच्च पद रिक्त होने पर कक्षा 9 से 12 वीं तक अध्यापन के कार्य के साथ राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए सभी कार्यों को पूर्ण करवाने में पूर्ण मनोयोग से कार्य करते है। फिर भी सरकार ना तो इनकी समय पर पदोन्नति कर रही है ना ही तबादले जो सही नहीं है। हमारी मांग है कि राज्य में खुले तबादलों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों को भी शामिल करना चाहिए एवं इनकी बकाया चल रही पदोन्नति भी समय पर करवाई जाएं।

मोहर सिंह सलावद,प्रदेशाध्यक्ष,

शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान ।

निर्मल मन फाउण्डेशन दर्शन यात्रा-2026

श्रद्धालुओं ने प्रसिद्ध मंदिरों में किए दर्शन, ऐतिहासिक स्थलों को देख हुए अभिभूत जयपुर। धार्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निर्मल मन फाउण्डेशन द्वारा आयोजित दर्शन यात्रा-2026 श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और राजस्थान के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन के साथ-साथ राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति, इतिहास और स्थापत्य कला का भी अवलोकन किया। यात्रा का शुभारम्भ शनिवार, 20 जून 2026 की रात्रि 10 बजे वाटिका, जयपुर से हुआ। यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व सभी श्रद्धालुओं ने भगवान का स्मरण कर मंगलमय यात्रा की कामना की। बस में भजन-कीर्तन, धार्मिक चर्चा एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धालु अपने पहले पड़ाव की ओर रवाना हुए। चारभूजा धाम में प्राप्त हुई आध्यात्मिक शांति यात्रा का पहला प्रमुख पड़ाव मेवाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध तीर्थस्थल चारभूजा धाम रहा। यहां भगवान विष्णु के चारभुजा स्वरूप के दर्शन कर श्र...

आतंकी गतिविधियों का अड्डा बना टेलीग्राम', हाई कोर्ट में केंद्र सरकार की दलील

भारत सरकार ने हाल ही में सिक्योर मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम को हफ्ते भर के लिए बैन कर दिया है. टेलीग्राम ने कोर्ट में चैलेंज भी किया है. टेलीग्राम को लेकर  सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों और उस पर की गई जांच के निष्कर्ष रिकॉर्ड में दर्ज हैं. सरकार सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि टेलीग्राम को बुलाया गया था और उनकी बात सुनी गई. उनकी दलीलों...

राज्यसभा चुनाव- झारखंड में क्रॉस वोटिंग

  झारखंड की 2 और मिजोरम की एक राज्यसभा सीटों के चुनाव गुरुवार हुए। झारखंड में एक सीट NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने जीत दर्ज की। वहीं, मिजोरम की एक सीट पर जोराम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) प्रत्याशी के. लल्टलुआंगकिमा जीत दर्ज की। झारखंड में 2 सीटों में से एक पर JMM की जीत तय थी। दूसरी सीट पर नाथवानी और कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के बीच मुकाबला था। क्रॉस वोटिंग की वजह से नाथवानी को 30 और झा को 20 वोट मिले। 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर कार्यकाल पूरा होने के बाद चुनाव हुए। इनमें से 8 राज्यों की 21 सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध जीते, जबकि 2 राज्य (झारखंड और मिजोरम) की 3 सीटों पर उम्मीदवार ज्यादा होने की वजह से चुनाव हुए। वहीं, महाराष्ट्र और तमिलनाडु की एक- एक सीट पर उपचुनाव हुए, इनमें भी प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए। झारखंड में 3 वोट अवैध झारखंड के सभी 81 विधायकों ने मतदान किया। नाथवानी को 28 वोट मिले, वहीं कांग्रेस के प्रणव झा को 20 वोट मिले। JMM के बैद्यनाथ राम को चुनाव में 30 वोट मिले, जबकि तीन वोट, BJP के दो और...